प्रदूषण ने बिगाड़े दिल्ली के हालात तो लगा पॉल्यूशन वाला लॉकडाउन!

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। दिल्ली में आसमान में स्मॉग की जमती परत के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन उपाय करने को कहा था। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद अब दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में अगले एक सप्ताह तक के लिए स्कूलों को बंद कर दिया है और सभी सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया गया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज शाम घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल सोमवार से एक सप्ताह के लिए बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद रहेंगे लेकिन ऑनलाइन क्लासेस चलेंगी ताकि बच्चों को प्रदूषित हवा में साँस न लेनी पड़े।

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सरकारी कार्यालयों के लिए भी इसी तरह का आदेश जारी किया है। इसके तहत शत-प्रतिशत सरकारी कर्मचारी अपने घरों से काम करेंगे। इसके अलावा केजरीवाल सरकार निजी कार्यालयों को भी यथासंभव वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) करने के लिए एक एडवाइजरी जारी करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर निजी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम का ऑप्शन दिया था और अब उसी मॉडल को प्रदूषण के लिए अपनाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 14 से 17 तक निर्माण गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2-3 दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन लागू करने के सुझाव के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे शीर्ष अदालत के सामने प्रस्तुत करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालाँकि इस कदम को फिलहाल लागू नहीं किया जा रहा है, लेकिन यह बहुत बड़ा कदम होगा। अगर प्रदूषण के हालात बदतर होते हैं तो सरकार वही कदम उठाएगी।

हालाँकि, उससे पहले दिल्ली सरकार केंद्र सरकार, CPCB, SAFAR को विश्वास में लेकर सभी एजेंसियों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार करेगी। केजरीवाल ने कहा कि हालात बिगड़ने पर सभी निजी वाहन, परिवहन, निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों को रोका जा सकता है।

गौरतलब है कि दिल्ली की खराब होती हवा को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता इस हद तक खराब हो गई है कि लोग अब घर पर मास्क पहन रहे हैं। इन हालातों में अदालत ने सरकार से जरूरत पड़ने पर 2-3 दिनों के लिए कंप्लीट लॉकडाउन करने को कहा था।

इसके साथ ही पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए कहा कि आजकल किसानों को दोष देने का फैशन बन गया है। भले ही दिल्ली की हवा कुछ दिन पहले ही बिगड़ी हो, लेकिन अदालत ने दीवाली के पटाखों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

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